दैनिक रियाज
— आवाज की मांसपेशी गढ़ने वालों के लिए
इस दैनिक रियाज योजना के बारे में
- -पहले सही स्वर-मांसपेशी समन्वय नींव बनाएँ
- -आवाज में स्वतंत्रता मिलते ही शक्ति बढ़ाएँ
- -अलग रंग और कंठ स्थिति के साथ अभ्यास
- -गायकी की शैली, धुन और गीतों में प्रयोग
- -योजना पर टिके रहें, रोज़ रियाज करें। मांसपेशी स्मृति इसी से बनती है। कुछ हफ्तों में आवाज में अंतर सुन सकते हैं

